यूजीसी एक्ट 2026 ,संरक्षण मिले विभाजन नहीं गौरव:- भारद्वाज
यूजीसी एक्ट 2026: "संरक्षण मिले, विभाजन नहीं"; गौरव भारद्वाज
यूजीसी (UGC) के नए "इक्विटी नियम, 2026" पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए गौरव भारद्वाज ने इन्हें अत्यंत विचारणीय बताया है। उन्होंने सरकार से विनम्र आग्रह किया है कि इन नियमों को अधिक समावेशी और गरिमापूर्ण बनाया जाए ताकि शिक्षा के केंद्रों में सामाजिक समरसता बनी रहे।
भारद्वाज जी के प्रमुख सुझाव:
सबको मिले समान सुरक्षा: संविधान के अनुच्छेद 14 की भावना के अनुरूप, भेदभाव के विरुद्ध सुरक्षा का अधिकार केवल आरक्षित वर्गों तक सीमित न रहकर सामान्य और EWS वर्ग के छात्रों को भी मिलना चाहिए।
इक्विटी कमेटी में सर्व-वर्ग सम्मान: संस्थानों में बनने वाली 'इक्विटी कमेटी' में समाज के सभी वर्गों के योग्य व्यक्तियों को शामिल कर उन्हें सम्मानित प्रतिनिधित्व दिया जाए। जब कमेटी में हर वर्ग की भागीदारी होगी, तभी निर्णय निष्पक्ष और सर्वमान्य होंगे।
विविधता का सम्मान: भारत एक बहु-सांस्कृतिक और बहु-धार्मिक राष्ट्र है। शिक्षा के केंद्रों को इस साझा विरासत को जोड़ने का काम करना चाहिए, न कि छात्रों को समूहों में बांटने का।
दुरुपयोग पर रोक: नियमों की शुचिता बनाए रखने के लिए झूठी शिकायतों के विरुद्ध भी स्पष्ट प्रावधान हों, ताकि अनुच्छेद 21 के तहत हर छात्र की मानवीय गरिमा सुरक्षित रहे।
संवाद को प्राथमिकता: दंड से पहले काउंसलिंग एवं आपसी संवाद को महत्व दिया जाए ताकि कैंपस में भाईचारे का माहौल मजबूत हो।
गौरव भारद्वाज जी ने कहा कि नियम ऐसे हों जो सबको साथ लेकर चलें और समाज के हर अंग को गौरवान्वित महसूस कराएं। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार इन सुझावों पर विचार कर नियमों को अधिक प्रभावी और न्यायसंगत बनाएगी।
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