चंडीघाट चौकी पुलिस रॉन्ग साइड चालान के नाम पर कर रही है यात्रियों और स्थानीय लोगों का उत्पीड़न
चंडी घाट पुलिस चौकी बना उत्पीड़न का केंद्र
ट्रैफिक चालान के नाम पर पुलिस कर रही है लोगों का उत्पीड़न
चंडी मंदिर से आते समय यू टर्न का बोर्ड ना लगे होने के कारण भ्रमित हो रहे हैं तीर्थ यात्री और स्थानीय लोग
पुलिस को केवल चालान करने से मतलब
रॉन्ग साइड चलान के नाम पर एक हजार रुपए वसूल रही है पुलिस
हरिद्वार 25 फरवरी हरिद्वार में चंडी घाट पुलिस चौकी मित्र पुलिस के नाम पर कलंक साबित हो रही है यहां पर तैनात पुलिसकर्मी और अधिकारी यात्रियों और स्थानीय लोगों के साथ जहां दुर्व्यवहार कर रहे हैं वहीं चंडी देवी से वापस हरिद्वार आने के लिए यू टर्न के नाम पर कोई बोर्ड ना होने के कारण तथा कट कितनी दूर है इसके चलते वाहन चालक भ्रमित होकर पुलिस चौकी के सामने ही कट से वापस आ जाते हैं जिसे पुलिस रॉन्ग साइड कहकर चालान काट रही है कल चंडीघाट पर सामाजिक कार्यकर्ता डॉ दीपक शर्मा जो गंगा सभा के चिकित्सक है और जिनके संघर्ष के चलते मां मनसा देवी, हर की पौड़ी जैसी धार्मिक संस्थाओं का सरकार ने अधिग्रहण कर वहां हो रहे भ्रष्टाचार पर नकेल कसी ऐसे व्यक्ति को रॉन्ग साइड करार देकर पुलिस ने जहां उनका मानसिक उत्पीड़न किया वहीं रॉन्ग साइड के नाम पर ₹1000 का चलान वसूला जो सरासर अन्याय है ऐसे ना जाने कितने मामले रोज चंडी घाट पर घटित होते हैं लेकिन कोई पुलिस के डर के मारे शिकायत दर्ज नहीं करता यहां यह बताते चले की काली मंदिर से वापस हरिद्वार की ओर लौटते हुए वाहन चालक यू टर्न कितनी दूरी पर है इसका कोई बोर्ड या संकेत न लगे होने के कारण भ्रमित होकर नजीबाबाद की ओर आगे बढ़ते रहते हैं लेकिन एक से 2 किलोमीटर बाद भी कट ना मिलने पर वापस इस मार्ग से हरिद्वार आने का प्रयास करते हैं और चंडी घाट पुलिस चौकी के पास खुले हुए स्थान से टर्न लेते हैं और पुलिस को चलान वसूल करने का मौका मिल जाता है जबकि पुलिस को चाहिए कि उस कट को ही बंद कर दे लेकिन अपनी सुविधा के लिए खोले गए उस कट का जब आम नागरिक आम वाहन चालक प्रयोग करता है तो पुलिस उसका उत्पीड़न करती ऐसे ही स्वामी विवेकानंद एकेडमी श्यामपुर कांगड़ी के प्रबंधक सुदीप बनर्जी ने भी चंडी घाट पुलिस की कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह लगाते हुए कहा कि जब कोई व्यक्ति अपने परिवार के साथ बाइक पर हरिद्वार की ओर आता है तो चंडीघाट पुलिस शराब चेकिंग के नाम पर उसका उत्पीड़न करती है साथ ही अल्कोहल चेकिंग मीटर उसके मुंह में जबरदस्ती घुसेड दिया जाता है जिस कारण एक संभ्रांत व्यक्ति स्वयं को अपमानित महसूस करता है और परिवार को भी मानसिक पीड़ा होती है मित्र पुलिस के अधिकारियों और कप्तान साहब से यह आग्रह है कृपया ऐसे पुलिसकर्मियों और अधिकारियों पर आवश्यक कार्रवाई की जाए जिससे मित्र पुलिस की छवि धूमिल होने से बचे।
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