बाबा फुलसंदे वालों के कार्यक्रम में उमड रहे हैं श्रद्धालु भक्त
हरिद्वार 25 फरवरी एक तू सच्चा तेरा नाम सच्चा मंत्र के ऋषि सत्पुरुष बाबा फुलसन्दे वाले कहते हैं मैं पुण्य के पथ पर रात दिन रात दिन चलता रहा हे आदि पुरुष परमेश्वर तेरे नाम को धूल गरद पर बैठा हुआ उंगलियों से मैं लिखता रहा और यह जीवन जाने कब बीत गया। फूल बहारों के मौसम ना जाने कब बीत गए मेरा दिल जानता है तू यहीं कहीं पर मेरे आस-पास है । मुझे मालूम है ओ आसमान वाले तू मेरे हृदय में मेरी आत्मा में युगों युग से निवास करता है मेरी छाया इस संसार में यहां से वहां वहां से वहां भटकती रही और फूलों के मौसम बीत गए जो भी मिलता है मुझे मैं उससे तेरा ही जिक्र करता हूं। कितने ही चेहरे हैं परछाई जैसे गौर से देखता हूं तेरी ही बातें करता हूं धर्म कर्म की बातें केवल किताबों में रह गई हैं लोग सच्चाई का पालन नहीं करते इसलिए उनका जीवन दुख झेलते हुए बीतता है। लोगों ने झूठ फरेब को होशियारी समझ लिया है, जीवनसाथी को धोखा देते हैं और कसम खाते रहते हैं झूठी कसम से उनके उपवन के फूल भी सूख जाते हैं। तेरी रोशनी का धागा हे परमेश्वर अपने हाथ में लिए मेरी आत्मा आसमानों को चढ़ती रही तेरे गीतों क...